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मेरी कामुक नौकरानी- 2

मैं शहर में एक बिल्डर हूं। मेरे बहुत सारे प्रोजेक्ट शहर में अन्य स्थानों पर चलते रहते हैं। और ना जाने कितने ए प्रोजेक्ट मेरे पास होते रहते हैं। मैं शहर का सबसे बड़ा बिल्डर हूं। को सही मायने में देखा जाए तो मैं एक दबंग व्यक्ति भी हूं अपने शहर का मेरे ऑफिस में बहुत सारे कर्मचारी हैं जो अलग तरीके से मार्केट में लोगों से डील करते हैं। कोई तो एक कस्टमर के पास जाता है कोई ऑफिस का ही कार्य देखता है। मैं एक नंबर का चोदू व्यक्ति हूं। जितने भी महिला कर्मचारी मेरे ऑफिस में है मैंने सबके साथ चुदाई मचाई है। भविष्य में भी यही सब करते रहूंगा मैं ज्यादा समय तक किसी महिला के साथ संबंध नहीं बनाता हूं। सिर्फ 2 4 बार चुदाई कर कर छोड़ देता हूं। लेकिन मेरी सारी कर्मचारियों मुझसे यही चाहती है कि मैं उनके साथ ही संभोग करू। लेकिन मैं नहीं करता था उन लोगों के साथ संभोग मैं हमेशा  नयी- नयी   महिलाओं को अपने ऑफिस में रखता था।

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इस बार मेरे ऑफिस में मैंने एक महिला जिसका नाम पूजा था। बहुत सेक्सी और हॉट थी पूजा को देख कर ही मेरा पानी निकल जाता था। पूजा अपने कार्य के प्रति बहुत ही। सीरियस थी वह मेरे कार्य में भी अच्छे से हाथ बटाती थी। और उसको देख कर बहुत ही मजा आता था। क्योंकि इसके boobs बहुत बड़े-बड़े और रस भरे थे। और से गांड भी बहुत बड़ी-बड़ी थी। मैं उसको देखकर बहुत ही खुश होता था क्योंकि वह मेरे बिजनेस को ग्रोथ भी अच्छे से करवा रही थी और दिखने में भी मस्त माल थी। अब मेरा उसको चोदने का मन करने लगा था। मैंने अपना मन पूरा बना लिया था कि इसको चोदना ही है। मैं उसको कुछ ना कुछ गिफ्ट देता रहता था। वह गिफ्ट लेकर काफी खुश होती थी। जब मे गिफ्ट देता था तो उसके कोमल हाथों को छू लेता था। अब मैं धीरे-धीरे उसको और भी कुछ ना कुछ देने लगा। उसने एक दिन मेरा बहुत ही बड़ा प्रोजेक्ट साइन करवा दिया। मैं उससे कुछ ज्यादा ही खुश हुआ मैंने उसको बोला आज मैं तुम्हें एक पार्टी देना चाहता हूं। वह बोलने लगी सर आज तो नहीं आ पाऊंगी मेरे घर में कुछ काम है। तो कल का रख लेते हैं मैंने उसको कहा ठीक है कल कुछ बहाना मत बनाना और कल मैं तुम्हें एक पार्टी देना चाहता हूं। मैंने उसके लिए आज मैं ऑफिस की एक लड़की की चुदाई करी। और ना जाने कब मेरा वीर्य गिर पड़ा मरी भूख मिट गई। हर समय मैं अपने आप को शांत कर लिया था परंतु अब मैं कल का इंतजार करने लगा।

आज वहां बहुत ही सुंदर बन के आई हुई थी। उसने लाल रंग की लिपस्टिक लगा रखी थी। और पतली सी टी शर्ट और स्किन टाइट जींस पहनी हुई थी। जिसमें उसके उभार साफ साफ नजर आ रहे थे। यह देख कर मेरा तो लौड़ा ही खड़ा हो गया। कसम से इतना मजा आ रहा था कि मन कर रहा था। इसके मुंह पर अपना वीर्य गिरा दूं। साली एक नंबर की माल लग रही थी। कसम से मजा आ गया था उसको देखकर उसकी गांड की लकीरें उसकी चीज से साफ साफ दिखाई दे रही थी और उसकी चूत का शेप भी नज़र आ रहा था। मैं उसको घूर कर देख रहा था वह भी जब मेरी तरफ देखती तो एक मुस्कुराहट मेरी तरफ कर देती। मैं भी उसको रिप्लाई में एक मुस्कुराहट कर देता। अब धीरे-धीरे मौसम आने लगा था जब हम दोनों के दोनों जाने वाले थे एक साथ जैसे ही ऑफिस का टाइम खत्म होगा तो वह मेरे कैबिन में आई और बोलने लगी सर चलें। मैंने उसको कहा ठीक है मुझे 5 मिनट दो मैं आता हूं। 5 मिनट बाद मैं आया और मैंने उसको कहा ठीक है। चलो आओ चलते हैं और हम दोनों अपनी कार की तरफ चले गए। मैंने उसको अपनी कार में बैठाया। मैं उसको अपनी कार में बैठाकर एक आलीशान होटल में ले गया। जो शहर का सबसे बड़ा होटल था। हम दोनों वहां के रेस्टोरेंट सेक्शन में बैठ गए। हम दोनों बैठकर बातें करने लगे और तभी मैंने उसको एक बहुत महंगा सा गिफ्ट दिया।

उसने जैसे ही वह गिफ्ट खोला वह बोलने लगी सर यह तो बहुत ही महंगा गिफ्ट है। यह मैं नहीं ले सकती मैंने उससे कहा तुमसे ज्यादा महंगा नहीं हो सकता। यह गिफ्ट इसको तुम रख लो यह मे तुम्हारे लिए दिल से लाया हूं। बात सुनकर पिघल गई और कहने लगी क्या सर वाकई में आप मेरे लिए गिफ्ट दिल से लाए हैं। मैंने उसको कहा हां मैं यह गिफ्ट तुम्हारे लिए अपने दिल से लाया हूं। क्योंकि तुम ऑफिस में बहुत अच्छे से काम करती हो। तुम्हारी वजह से मेरा मुनाफा हुआ है। वह कहने लगी यह तो सर मेरा काम है। यदि मैं दिल लगाकर काम नहीं करूंगी। तो आप मुझे क्यों रखेंगे। मैं उसके लाल-लाल होठों को देख रहा था। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मैंने उसके लाल लिपस्टिक पर किस करना शुरु कर दिया। उसकी लाल लिपस्टिक मेरे होठों पर लग गई। मेरे होंठ भी पूरे तरीके से लाल हो गए वह थोड़ा शर्मने लगी। मैंने उसको कहा तुम शरमाओ मत अब तो उसके दिल में भी कुछ मेरे लिए होने लगा था। हम हम लोग वहां से चल पड़े। जब हम गाड़ी में जा रहे थे तो मैंने उसकी चूत मैं हाथ फेरने शुरु कर दिया थे। और मैं कभी-कभी उसके स्तनों पर भी हाथ फिरता रहता। फिर मैंने अपनी पैंट की चेन खोली और उसके सुर्ख लाल होठों को अपने लंड पर लगा दिया। पहले तो उसने थोड़ा सा अपनी जीभ से चाटा उसके बाद धीरे-धीरे मेरे लंड को सक करना शुरु कर दिया। सक करते करते हैं एक बार तो मेरा वीर्य उसने पी लिया। मेरी सीट के बगल वाली सीट में बैठी थी और हम दोनों बातें करने लगे। वह मुझे बोलने लगी सर आप बहुत अच्छे हैं। आपने मुझे यह गिफ्ट दिया मैं इस लायक नहीं हूं। फिर मैंने उसको कहा यह सब बात छोड़ो अब तो मैं तुम्हें रोज कुछ ना कुछ गिफ्ट दिया करूंगा। उसके भी अंदर का लालची इंसान जाग गया। इतने में मेरा फ्लैट भी आ गया। मुझ से रहा नहीं जा रहा है। बहुत जल्दी से उतरी और मैंने उसे कहा मैं गाड़ी पार्किंग में लगा कर आता हूं। तुम चाबी लेकर फ्लैट में जाओ मैंने उसको फ्लैट नंबर बताया औरवह चली गई। मैं अभी गाड़ी पार्किंग में लगा कर बड़ी तेजी से से अपने फ्लैट तक पहुंचा।

जैसे ही मैंने फ्लैट का दरवाजा खोला तो मैं क्या देखता हूं। एकदम नग्न अवस्था में पड़ी हुई है। मैंने भी जल्दी से अपने कपड़े उतार दिए और वहीं सोफे पर उसको लेटा दिया। वह पूरी जानकार थी क्या करना है कैसे करना है। उसने दोबारा से मेरे लोड़े को अपने मुंह में ले लिया और दोबारा से सक करने लगी। ईश्वर उसमें ज्यादा देर तक नहीं किया और मुझे कहने लगी सर मेरी चूत के पानी को अपने मुंह से साफ कर दो। मैंने ऐसे ही उसकी चूत को अपने मुह से साफ कर दिया। उसकी चूत पर काफी ज्यादा पानी का रिसाव हो रहा था। जो मैंने पूरा का पूरा पी लिया। हम दोनों ही मदहोश होने लगे थे। कुछ समय के लिए हमने 69 पोज बनाकर भी किया। अब मैं उसके चूत का भोसड़ा बनाने के लिए तैयार था। मैंने उसकी चूचियों को अपने मुंह से पीना शुरू कर दिया और जोर-जोर से काटने भी लगा। बहुत जोर-जोर से चिल्ला रही थी जब मैं उसकी चूचो को काट रहा था। अब मैंने अपने लंड को उसकी चूत के मुख पर टिका दिया। और जोरदार झटका मारकर उसके पेट तक पहुंचा दिया अपने लंड को उसको बहुत ही तेज दर्द हुआ उसकी आवाज भी गले में अटक कर रहे गई। और वह छटपटाने लगी उसी छटपटाहट के बीच मैंने अपने लंड को आगे पीछे करना शुरु कर दिया। मैंने उसकी चूत को फाड़ दिया अच्छे से और वह चिल्ला चिल्ला कर बोलने लगी। और तेज तेज करो। वह भी पूरे मूड में आ गई और जोर-जोर से हिलने लगी। और कह रही थी फाड दो और मेरी चूत का भोसड़ा बना दो मैंने उसे कहा रुक जा आज तो तुझे मैं बहुत गंदी तरीके से चोदूंगा। ऐसा करते करते 15 मिनट बाद हम दोनों को झरने लगा। मैंने अपने पानी की बूंदे उसकी योनि में ही छोड़ दी फिर मैं आपकी चचीयो को चाटने लगा। उसके बाद हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहने और तब से मैं ऐसा ही करता आ रहा हूं जो भी नई लड़की मेरी ऑफिस में आती है। मैं सबके साथ ऐसा ही करता हूं और मुझे यह सब करने में बहुत ही आनंद आता है।

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admin
Updated: October 8, 2018 — 5:34 am

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