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कोई ऐसा अंजाना सा तूफान-6

desi chudai ki kahani शाम को 7 बजे मोम कहने लगी..
सुजाता : रवि चल ज़रा मुझे मंदिर तक ले चल
रवि : चलो मोम, मैं मोम को लेकर चल दिया मोम ने ब्लू कलर की साड़ी पहनी थी और लो कट ब्लॉज उनकी बगल
के बड़े बड़े बाल जब मुझे नज़र आए तो मेरे लंड मे अकड़न सी होने लगी, उपर से उनका मस्त उभरा हुआ नंगा
पेट गहरी नाभि मोटे मोटे जालीदार चोली मे कसे दूध और जब वह मेरी बाइक पर बैठी तो उनके भारी चुतडो
का गुदाज एहसास मुझे मस्त कर गया, मैने बाइक चलाने से पहले अपने लंड को अड्जस्ट कर लिया जिससे लंड का टोपा
ओपन हो गया और लंड और भी ताव मे आ गया

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रवि : मोम तुम्हे बाइक पर बैठा कर बड़ा संभाल कर चलना पड़ता है
सुजाता : मेरी पीठ पर मारते हुए मुस्कुरा कर, नालयक अपनी मोम को मोटी कह रहा है, मेरा फिगर तो बच्चे
पैदा करने के बाद भी सुडोल है वो तो मेरी कमर थोड़ी मोटी हो गई है
रवि : अरे मोम आपकी कमर तो पतली ही है वो तो आपके….
सुजाता : पीछे से मेरी पीठ पर हाथ मारते हुए बदमाश कही का, मैं जानती हू मेरे चुतडो का साइज़ बहुत बढ़
गया है इसीलिए मैं बेडोल लगती हू

रवि : नही मोम औरतो का तो शरीर ऐसे ही अच्छा लगता है
सुजाता : मुस्कुराते हुए तुझे बड़ी जानकारी हो गई है औरतो के शरीर के बारे मे
रवि : मोम एक बात कहु
सुजाता : क्या
रवि : मोम आप जीन्स पहना करो आप पर बहुत अच्छा लगेगा
सुजाता : अरे पगले अब इस उमर मे मुझ पर जीन्स कहाँ से अच्छा लगेगा और तो और जीन्स मे तो मेरा बदन और
उभर कर सामने आ जाएगा और मैं और भी मोटी लगुगी
रवि : अरे नही मोम आपको पता नही है जब जीन्स मे आपका बदन और उभर कर आएगा तो आप सच मे बहुत
मस्त लगेगी
सुजाता : लगता है तू मेरी उमर की जीन्स वाली औरतो को बहुत देखता है, तेरी उमर तो लड़कियो को देखने की है
और तू औरतो को देखता है
रवि : नही मोम दरअसल मैने अपने दोस्त अंकुर की मोम को टाइट जीन्स मे देखा है और वह जीन्स मे बड़ी मस्त
नज़र आती है वह तो हमेशा जीन्स पहनती है और तो और तुम दीदी को ही देख लो जीन्स मे कितनी फिट लगती है
सुजाता : अरे बेटे तू कहाँ मेरी तुलना रिया से कर रहा है उसकी जंघे और चूतड़ अभी इतने भारी नही हुए है
इसलिए उस पर जीन्स अच्छी लगती है, मेरी मोटी मोटी जंघे और इतने बड़े बड़े भारी भरकम चूतड़ क्या जीन्स
मे समाएगे
रवि : मुस्कुराते हुए, क्यो आपकी जंघे क्या दीदी की जाँघो से भी ज़्यादा मोटी है
सुजाता : मंद मंद मुस्कुराते हुए रवि तू बहुत बदमाश हो गया है, क्या तू नही जानता कि मेरी जंघे और चूतड़
तेरी दीदी से कितनी मोटी है
रवि : मैं कैसे जानुगा मोम क्या तुमने मुझे कभी दिखाई है
मोम मेरी पीठ पर चुटकी काटते हुए, रवि तू बहुत बिगड़ गया है अब क्या अपनी मोम की जंघे और चूतड़ देखना
चाहता है

रवि : नही मोम मेरा मतलब है की मैने जब देखा ही नही तो मैं कैसे कह सकता हू कि दीदी की जंघे ज़्यादा
मोटी है या आपकी
सुजाता : मुस्कुराते हुए, अब ज़्यादा बनने की कोशिश ना कर, अगर मैने तुझे असली बात कह दी तो तुझसे बोलते
ना बनेगा यह जो इतना पाटर पाटर कर रहा है एक दम चुप हो जाएगा,
रवि : मैं कुछ समझा नही मोम आप क्या कहना चाहती है
सुजाता : अच्छा तूने रिया की जंघे और चूतड़ नही देखे, जब कि मैने तो तुझे कई बार उसकी मोटी जाँघो और
चुतडो को घूरते हुए देखा है

मोम से मुझे इस बात की उम्मीद नही थी और मैं इस प्रकार हड़बड़ा गया जैसे किसी ने मुझे चोरी करते पकड़
लिया हो, यह सच था कि घर पर मे रिया दी की गान्ड और जंघे आज दिन भर से देख रहा था जब भी रिया
दी सोफे से उठ कर अपनी जीन्स फसाए इधर से उधर जाती मैं बेखौफ़ उनके भारी चुतडो और जाँघो को भरपूर
मज़े ले कर देख रहा था लेकिन मैने यह गौर नही किया कि मोम भी मेरी नज़रो को ताड़ रही है
सुजाता : अब क्या हुआ बोलती क्यो बंद हो गई, भला कोई भाई अपनी बहन को ऐसी नज़रो से देखता है जिस तरह आज
तू रिया को देख रहा था,
रवि : वो मोम आपको ऐसा लगा होगा मैं तो नॉर्मल ही देख रहा था
सुजाता : बेटे और किसी को चलाना तेरी मा हू तेरे जैसे जाने कितने छोकरे चला चुकी हू, क्या मैं तेरी नज़रो को नही समझती हू

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