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कोई ऐसा अंजाना सा तूफान-5

indian sex story दीदी ने मेरा गाल छोड़ दिया उसकी आँखो मे काजल लगा हुआ था और हल्की लिपस्टिक मे उसके होंठ बड़े मस्त
लग रहे थे , गोल भरा हुआ चेहरा देख कर मेरा लंड झटके मारने लगा मैं महसूस कर रहा था कि उसके मोटे
मोटे बोबो को कस कर पकड़ लू और उसके खूबसूरत चेहरे को अपने होंठो से चूम लू मैने शरारत भरी नज़रे
उसके चेहरे पर मारते हुए कहा
रवि : दी आज तो तुम बड़ी खूबसूरत लग रही हो
रिया : मेरे सीने पर मुक्का मारते हुए, बेटा मैं तो रोज ही खूबसूरत लगती हू, पर आज तेरा नज़रिया मुझे अलग
लग रहा है इसलिए मैं तुझे आज खूबसूरत लग रही हू
रवि : नही दी आज सच मे तुम बहुत सेक्सी मेरा मतलब है अच्छी लग रही हो
रिया : दी ने आँखे फाड़ते हुए मेरी ओर देखा उसके चेहरे पर मंद मंद मुस्कुराहट थी जिसे वह अपने चेहरे को
कठोर बना कर छुपा रही थी, फिर उसने कहा क्या बोला तू
रवि : झेप्ते हुए कुछ भी तो नही,
रिया : देख रही हूँ तू बहुत उल्टी सीधी बाते बोलने लगा है अपनी दीदी से, मैं तेरी बहन हू कोई गर्लफ्रेंड नही,
इसीलिए कहती हू ऐसे आवारा लड़को के साथ मत रहा कर
रवि : दी एक बात कहु
रिया : क्या
रवि : दी जब तुम शादी करके चली जाओगी तो मुझे अपने घर मे बिल्कुल अच्छा नही लगेगा
रिया : मुस्कुराते हुए, तू फिकर ना कर मैं शादी वादी नही करने वाली
रवि : तो क्या कुँवारी रहोगी
रिया : और नही तो क्या
रवि : पर फिर ?
रिया : क्या कहना चाहता है बोलता क्यो नही
रवि : कुछ नही चलो घर चलते है
रिया : पहले यह बता तू रात को उस अंकुर से मेरे बारे मे क्या बात कर रहा था
रवि : कुछ नही दी मैं तो आपसे मज़ाक कर रहा था
रिया : झूठ ना बोल मैं सब जानती हू, उसने ज़रूर तुझसे मेरे बारे मे कुछ ना कुछ कहा है
रवि : वो दी वो कह रहा था कि कुछ लड़के तुम्हे गंदी नज़रो से देखते है
रिया : क्या मतलब
रवि : मतलब कि वह बता रहा था की कुछ लड़के जब तुम जीन्स पहनती हो तब तुम्हारे बॅक साइड मे देखते है
रिया : मुस्कुराकर मेरी तरफ अपने भारी चुतडो को घुमा कर कहने लगी, क्या बहुत बड़े बड़े दिखते है मेरे वो
रवि : मैने दीदी की गान्ड को घूर कर देखते हुए कहा, वो क्या दीदी
रिया : मुस्कुराकर ज़्यादा बनो मत और अपने हाथो से अपने चौड़े चौड़े चुतडो पर मारते हुए कहने लगी
, यही जिन्हे देख कर लड़के कॉमेंट्स करते है
रवि : मैने मौके का फ़ायदा उठाते हुए दी की मोटी गान्ड पर हाथ फेरते हुए कहा हाँ दी यह बहुत मोटे मोटे
और बहुत चौड़े हो गये है

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रिया : गंभीर मूह बनाते हुए क्या करू भैया अब मैं बड़ी भी तो हो गई हू तुझसे भी दो साल बड़ी हू फिर
यह मोटे और चौड़े नही होंगे तो और क्या होंगे वैसे भी लड़कियों के जल्दी ही मोटे और चौड़े होने लगते है
पर तू मेरा भाई होकर अपनी दी के इन पर हाथ फेर रहा है इतना कह कर दीदी ने मेरा हाथ हटा दिया,
रवि : मुस्कुराते हुए नही दी मैं तो सिर्फ़ आपको बता रहा था
रिया : मेरे गाल खींच कर मुस्कुराते हुए, तू भी कम नही है मैं सब जानती हू उन आवारा लड़को के साथ तू भी
खड़ा खड़ा लड़कियो के इनको ही घूरता है, मेरा लंड दीदी की बात सुन कर खड़ा हो गया था और मैं अपने लंड
को पॅंट के उपर से अड्जस्ट करना चाह रहा था क्योकि बहुत बड़ा तंबू बन गया था और मुझे लग रहा था कि
दी की नज़र कही मेरे खड़े लंड पर ना पड़ जाए पर मैं अगर अड्जस्ट करता तो दी देख लेती इसलिए मैं चुपचाप
सहते हुए खड़ा था, वैसे तो दी मुझसे बड़ी थी और मुझसे फ्रॅंक भी थी लेकिन इस तरह का टॉपिक अभी तक
हमारे बीच नही हुआ था
रवि : अब क्या करू दी जब वह सब लड़कियो को जाते हुए देखते है तो मैं भी देख लेता हू, तभी दी ने मेरी
जाँघ पर हाथ रखा मैं बयके पर बैठा था और वह मेरे सामने खड़ी थी मेरी जाँघ पर हाथ रख कर मुझसे
कहने लगी

रिया : अच्छा सच सच बता जब मैं तुम लोगो के सामने से निकलती हू तो वो सब लड़के तो मेरे पिछे नज़रे
गढ़ाए मुझे देखते रहते है तब क्या तू भी क्या मुझे देखता है
रवि : क्या बात कर रही हो दी, मुझे तुम्हे इस तरह देखने की क्या ज़रूरत है और वैसे भी अगर मुझे तुम्हे
देखना होगा तो मैं उनके साथ खड़े रह कर देखने के बजाय जब तुम पूरा दिन मेरे साथ घर पर रहती हो तब
नही देख लूँगा
रिया : मंद मंद मुस्कुराते हुए थोड़े आश्चर्य के भाव अपने चेहरे पर लाकर कहने लगी, इसका मतलब है तू
घर पर भी मेरे इनको देखता है
रवि : मुस्कुराते हुए. दी तुम पागल हो भला मैं क्यो तुम्हारे चुतडो को देखूँगा
रिया : मुस्कुराते हुए शरम नही आती तुझे अब तो तू इनका नाम भी मेरे सामने लेने लगा है
मैने दी के दोनो बाजू पकड़ कर उनसे कहा दी आपसे मेरी कोई बात छुपि है जो और कुछ मैं छुपाउँगा
रिया : नाटक करते हुए अपना मूह बना कर कहने लगी, रहने दे तू अगर मुझसे इतना प्यार करता होता और मुझ
पर इतना भरोसा करता तो मुझे अपनी लाइफ की एक एक बात बताता चाहे वह बात अच्छी होती या बुरी पर तू मुझे
अपने इतने करीब समझता ही कहाँ है,
रवि : दी कैसी बात कर रही हो, तुमसे बढ़ कर मैने किसी को चाहा ही नही, तुम तो मेरी जिंदगी हो
रिया : अगर ऐसा है तो मुझसे भी ज़्यादा तो तेरे दोस्त तुझे जानते है क्यो कि तू उनसे ही अपनी जिंदगी की सब
बाते शेअर करता है, तू ही बता क्या तू वह सब बाते मुझे बताता है जो तू अपने दोस्तो के सामने बता देता है,

एक बार अपनी दी को आजमा कर देख तेरे उन घटिया दोस्तो से अच्छी दोस्त साबित होकर ना दिखाया तो मेरा नाम रिया
नही
रवि : मैने दी का हाथ पकड़ कर अपने हाथ मे लिया और वह अपनी बड़ी बड़ी कजरारी आँखो से मुझे देखने लगी,
दी आज से तुम मेरी सबसे बेस्ट फ्रेंड और मैं तुम्हारा सबसे बेस्ट फ्रेंड लेकिन याद रखो तुम्हे भी अपनी लाइफ की
सब बाते मुझसे शेअर करना होगी तभी दोस्ती दोनो तरफ से पक्की मानी जाएगी
रिया ; मुस्कुरा कर प्रॉमिस करने लगी और कहने लगी चल अब जल्दी से घर चलते है बाकी की बाते घर पर
करेगे……

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