sex stories in hindi

hindi sex stories

कोई ऐसा अंजाना सा तूफान-1

desi sex stories मैं एक अड्वान्स फॅमिली से हू जहाँ 21 सेंचुरी के रूल्स फॉलो होते है स्टोरी को तो
कही से भी स्टार्ट किया जा सकता है किंतु यह स्टोरी मैं वहाँ से स्टार्ट कर रहा हू जहा पर मेरे दोस्त
अंकुर के कामीनेपन का मुझे पता चला और ना जाने कैसे उसका कमीनपन मेरे अंदर भी जगह बनाने लगा,
यह कमीनपन तो जारी रहता लेकिन मैं यह नही जानता था कि कोई ऐसा अंजाना सा तूफान बिल्कुल मेरे करीब
बहुत ही धीमी गति से चला आ रहा है जो सब कुछ तबाह कर देता, अगर खुदा मुझे सही वक़्त पर होश
मे ना लाता, कहानी थोड़ी लंबी है और किरदार भी ज़्यादा है पर पॅशन रखिएगा, आइ होप आपको पसंद
आएगी
शाम के 7 बजे मेरे दोस्त अंकुर के घर की छत पर
अंकुर : देख रवि मैं तुझे समझा रहा हू कि जतिन से ज़्यादा दोस्ती मत रख वह हमारे टाइप का आदमी नही
है तू नही जानता वह कई ग़लत कामो मे भी लिप्त है ऐसा ना हो कि तुझे लेने के देने पड़ जाए मैं तेरा
बचपन का दोस्त हू इसलिए तुझे समझा रहा हू,
रवि : यार उसके ग़लत धंधो से मुझे क्या लेना देना, अब वह अगर मुझ पर जान छिड़कता है तो मैं कैसे
उसे अवाय्ड कर दू,
अंकुर : अब मैं तुझे क्या बताऊ, तू तो एक नंबर. का चूतिया है
रवि : गुस्से से चल जाने दे मैं चूतिया हू और तू साले मेरा बाप है जो बड़ा समझदार है
अंकुर : अबे मेरा मूह मत खुलवा नही तो तेरी ही गंद मे मिर्ची लग जाएगी, तुझे क्या पता कि वह तुझे
इतना भाव क्यो देता है

loading...

रवि : हाँ तो बता ना
अंकुर : रहने दे अभी तू मूह फूला लेगा और उसके चक्कर मे मुझसे बोलना बंद कर देगा
रवि : ऐसी कौन सी बात है मैं भी तो जानू
अंकुर : अबे चूतिए वह तुझे पटाकर तेरी दीदी रिया की मोटी गंद मारने के चक्कर मे है
रवि : ये क्या बोल रहा है अंकुर, मेरे चेहरे पर कठोर भाव आ चुके थे
अंकुर : वही जो तू सुन रहा है

रवि : भोसड़ी के मूह संभाल कर बात कर
अंकुर : अच्छा तुझे यकीन नही आ रहा ना ले मैं अभी तुझे यकीन दिला देता हू पर एक शर्त है
रवि : क्या शर्त
अंकुर : तू जतिन पर बिल्कुल भी गुस्सा नही होगा और कल से उससे दोस्ती ख़तम कर लेगा
रवि : अगर तेरी बात सही है तो मैं उसकी मा चोद दूँगा
अंकुर : बस तेरी यही गडमारी बातो की वजह से मैं तुझे कोई बात बताता नही हू
रवि : कुछ सोचते हुए, अच्छा ठीक है जैसा तू कहेगा मैं वैसा ही करूँगा अब बता
अंकुर : अच्छा अब चुपचाप बैठ और सुन
अंकुर ने अपने सेल से जतिन को कॉल किया और स्पीकर ऑन कर दिया
अंकुर : हेलो जतिन भाई कैसे हो
जतिन : बस प्यारे मैं तो बढ़िया हू तू बता आज कैसे मुझे फोन लगा लिया
अंकुर : अरे भाई अब क्या बताऊ बस पड़े पड़े सेक्सी लोंड़ीयो को नेट पर देख रहा था तो तुम्हारी याद आ गई
कि तुमने गजब माल पटा पटा कर चोदे है पर हमसे तो एक भी नही पटती है
जतिन : लोड्े लोंड़िया पटाने के लिए स्किल होनी चाहिए
अंकुर : भाई कही मेरा भी जुगाड़ करवा दो ना
जतिन : फोकट मे जुगाड़ नही होता प्यारे माल चोदने के लिए माल खर्च करना पड़ता है
अंकुर : अच्छा भाई तुम तो इतने एक्सपर्ट हो पर यह बताओ ऐसा कोई माल है जिसकी गुदाज और मोटी गंद ने तुम्हे
काफ़ी समय से पागल कर रखा हो और तुम अभी तक उसे छु भी नही पाए हो
जतिन : मुस्कुराते हुए, अबे साले आज तो तूने मेरी दुखती रग पर हाथ रख दिया पर चल कोई बात नही बता
देता हू लेकिन यह बात राज ही रहनी चाहिए नही तो तू मेरा नेचर तो जानता है जिस पर भेजा खिसक जाए तो
फिर वह मेरा बाप भी हो तो उसकी मा चोदते मुझे देर नही लगती

अंकुर : भाई आप की बात राज ना रख कर मुझे मरना थोड़े ही है
जतिन : यार क्या बताऊ तुझे तेरा वो दोस्त है ना रवि उसकी बहन रिया के भारी चुतडो ने मेरी नींद उड़ा कर
रख दी है, उसके मोटे मोटे चुतडो मे अपना लंड पेलने के लिए मैं मरा जा रहा हू पर उसे पटाने का कोई
उपाय समझ नही आता, जब सुबह सुबह वह रवि के साथ कॉलेज आती है तो उसके चुतडो की मस्त थिरकन देख
कर मेरा लंड पेंट फाड़ने को तैयार हो जाता है, तूने देखा है ना उसकी गुदाज और कातिल जवानी कितनी मस्त है

उसके 38 के बोबे और 40 की मोटी गंद ने मेरा दिमाग़ हिला कर रख दिया है, सच कहु अंकुर वो तेरा दोस्त रवि तो
महा चूतिया है अगर उसकी जगह मैं रिया का भाई होता तो ऐसी मदमस्त जवान बहन को रोज पूरी रात नंगी करके
खूब कस कस कर उसकी मोटी गंद और गुलाबी चूत चोदता पर क्या करे किस्मत खराब है

1Shares
admin
Updated: September 11, 2018 — 2:55 pm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

sex stories in hindi © 2018 Frontier Theme
error: Content is protected !!