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खूबसूरती और बद्सुरती-1

खूबसूरती और बद्सुरती-1

 

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सभी पाठको को मेरा प्रणाम….दोस्तों मैं अपनी पहली स्टोरी लिखने जा रहा हु….आशा करता हु की सबको पसंद आये…..आपकी राय की प्रतीक्षा करूँगा।

 

बदसूरत ये एक ऐसा वर्ड है जो किसीके लिए गाली है तो किसी के लिए जीवन ककी सच्चाई….मैं खूबसूरती और बद्सुरती को नहीं मानता…मेरा मानना है की जिसकी सीरत अच्छी वो दुनिया का सबसे अच्छा इंसान।

 

मैं ये कहानी किसीको आहात करने के इरादे से नहीं लिख रहा हु….बस कुछ हद तक उनके दिल की बातो को उजागर करने के लिए लिख रहा हु।

 

आप लोगो का साथ और आप लोगो की राय का इंतजार रहेगा।

 

तो दोस्तों ये कहानी है एक लड़की की जो बाकि सभी चीजो में तो सबसे बेहतर है पर सिर्फ सूरत ही थोड़ी अछि नहीं है ….और इसी बात को बार बार अनुभव करने से वो गलत रास्ते पे निकल पड़ती है।

 

पात्र परिचय

सुहानी:- इस कहानी की मुख्य पात्र है।उम्र 23 साल *ये एक इंजीनियर है। और एक बहोत बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करती है। जैसे की कहानी का। शीषर्क है दिखने में ये कुछ ख़ास नहीं है पर बाकि चीजे एकदम परफेक्ट है।

फिगर बिलकुल किसी फिल्मी हेरोइन की तरह है। 362436

स्वाभाव बहोत ही प्यारा है सबसे घुलमिल के रहती है।

पापा:- ये एक सरकारी ऑफिस में काम क्करते है। उम्र 48 साल

माँ:- ये एक हाउसवाइफ है उम्र 43 साल

सोहन:- इंजीनियरिंग के पहले साल में है उम्र 19 साल

बाकि पात्र का परिचय कहानी के दौरान ।

 

भाग 1

एक बड़े फाइव स्टार होटल के आलिशान हॉल में एक शादी चल रही है। सभी अपने आपने कामो में व्यस्त है। लोग आपस में बाते कर रहे थे। शादी हो चुकी थी दूल्हा दुल्हन से लोग एक एक करके मिल रहे थे उन्हें भावी जीवन की शुभककामनाय दे रहे थे। उसी समय कैमरामैन उन सब को रिकॉर्ड करने में लगा हुआ था।

वैसे तो बहोत से कैमरामैन शादी की शूटिंग में लगे थे पर ये कैमेरामन सिर्फ बाकि लोगो को शूटिंग कर रहा था।

लेकिन शूटिंग करते वक़्त उसका कैमरा एक जगह जाके रुक सा गया।

 

एक लड़की पे…..जो इस वक़्त कैमरे के तरफ पीठ करके खड़ी थी। जिसने एक गोल्डन और सिल्वर कलर का लहँगा चोली पहन रखा था। पीछे उसकी पतली नंगी कमर और लगभग नंगी पीठ जिसपे उसके लंबे बाल बिखरे हुए थे। उसका घागरा एकदम टाइट फिटिंग वाला था। जिसकी वजह से उसके नितम्ब के उभर और भी जादा उभर के आ रहे थे। वो किसीसे बात कर रही थी। और कैमरामैन उसके उस पीछे से दिखने वाले हुस्न को कैमरे
में कैद ककर रहा था।

उसका साथी जो ये सब देख रहा था उससे कहता है…

“भाई बस कर एक को कितना शूट करेगा….किसीने देख लिया तो जूते पड़ेंगे”

कैमरामैन:- भाई उस लड़की की फिगर तो देख अह्ह्ह्ह्ह क्या माल है कसम से ऐसी फिगर यहाँ किसीकी नहीं*

दूसरा:- हा ये बात तो सही है रंग सावला है पर कातिल है बॉस….मेरा तो लंड खड़ा हो गया…

पहला:- हा भाई….स्सस्सस्स पतली चिकनी कमर और पीठ उफ्फ्फ्फ्फ्फ और गांड तो देख कैसी उभरी हुई है स्सस्सस्स*

दूसरा:-स्स्स्स्स् हा बॉस स्स्स कसम से ऐसी लड़की चोदने मिल जाय तो मजा आ जाय…..

तभी वो लड़की थोडा मूडी…लेकिन बालो की वजह से उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। लेकिन मुड़ने की वजह से उसके बूब्स कैमेरामन और उसके साथी को दिखने लगे…….
..

कैमरामैन:- अह्ह्ह्ह बेहनचोद….क्या चुचिया है मार डाला रे स्स्स्स्स्

उसका साथी बस आँखे फाड़ के देखे जा रहा था।

उस लड़की की गांड और चुचिया देख के दोनों की हालत ख़राब हो चुक्की थी। ये हाल सिर्फ उन दोनों का ही नहीं बल्कि वहा मौजूद सभी लागो का था।

ललेकिन…….

कैमरामैन:-चल थोडा आगे चल के इस के हुस्न को कैमरे में कैद करते है और इसका चेहरा भी तो देखे कैसा है…

दोनों थोडा आगे बढे और उस लड़की को पिछेसे ऊपर से लेके निचे तक शूट करने लगे।

लेकिन जैसे ही वो लड़की थोड़ी मुड़ी और उसका चेहरा उन दोनों ने देखा….वो दोनों एक दूसरे की तरफ देख के हैरान से हो गए…..ये चीज उस लड़की ने भी देखि ककी वो दोनों उसकी तरफ देख के किस तरह भौचक्के से खड़े थे….अगले ही पल वो दोनों संभले और वहा से निकल गए….

वो लड़की भी वहा से नियल गयी।

वो दोनों थोडा कार्नर में गए।

कैमरामैन:- हट्ट साला पीछे से क्या क़यामत धा रही थी और जैसे ही चेहरा देखा दिमाग आउट हो गया…

दूसरा:- हा बॉस…कितनी “बद्सुरत” थी वो….डिलीट कर दो उसका फुटेज…बहनचोद दुबारा देखेंगे तो दो दिन लंड खड़ा नहीं होगा….

कैमरामैन:- हा भाई सच बोला तूने…..चल एक एक पेग लगाते है….लड़की ने तो मूड का सत्यानाश कर दिया….

दूसरा:- सच में बॉस पीछे से देख के तो ऐसा लग रहा था की अभी मेरा लंड पानी छोड़ देगा….पर…चलो मुझे भी एक पेग की जरुरत महसूस हो रही है।

वो दोनों वहा से चले गए….इस बात से अनजान की उनकी ये सारी बाते साइड में खड़ी वो लड़की….”सुहानी” सुन रही थी।

ऐसी बाते सनके उसे रोना सा आ गया….वो वैसेही वहा से मुड़ी और तेज तेज चलते हुए अपने रूम में आ गयी और बाथरूम में घुस गयी और वही निचे बैठ के फुट फुट कर रोने लगी…..उसकी आखो के सामने उसकी 23 साल की जिंदगी किसी फ़िल्म की तरह चलने लगी।

बचपन से ही वो इनसब बातो कको झेलते हुए आ रही थी। उसका रंग थोडा सावला सा था भले उसके चेहरे पे कोई दाग नहीं था लेकिन बनावट थोड़ी अजीब सी थी।

बचपन में स्कूल में उसके कोई दोस्त नहीं था। उससे सब चिढ़ाते रहते…कोई उससे दोस्ती नहीं करना चाहता था। यहाँ तक की उसके पापा भी उससे कुछ ख़ास लगाव नहीं था। माँ के लिए तो सभी बच्चे एक समान होते है। जब उसका भाई पैदा हुआ तो उसे लगा की अब उसे एक दोस्त मिल गया लेकिन ये उसी गलत फैमि थी। उसका भाई उसे बिलकुल भी पसंद नहीं करता था। उसे उसके खेलने में या कही बहार जाने में शरमन्दगी महसूस होती थी।

सुहानी ऐसेही अपने आप रहने लगी। उसका पूरा ध्यान सिर्फ पढाई में रहता। लेकिन दिल में हमेशा इस चीज का मलाल रहता की वो खूबसूरत नहीं है क्यू की उसका कोई दोस्त नहीं था। उसे कोई भी अपने ग्रुप में शामिल नहीं करता। ग्रुप के खेल में भी उसे कोई लेना नहीं चाहता था भले ही वो सबसे अच्छा खेलती थी। लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी खेल जो अकेले खेला जाता उसमे उसने हमेशा अव्वल स्थान प्राप्त किया।

हालांकि दिखने में थोड़ी बहुत बदसूरत लडकिया और भी थी पर पता नहीं क्यू लोगो को उसके प्रति ही घृणा क्यू थी? इसका जवाब था उसके चहरे की बनावट। इसमे उसका कोई दोष नहीं था। क्यू की वो सब हुआ था कोई दवाई के साइड इफ़ेक्ट ककी वजह से जो उसकी माँ को दी गयी थी जब वो पेट में थी।

जब वो थोड़ी बड़ी हुई उसे सब समझ आने लगा और उसने सबसे दुरी बनाय राखी और सिर्फ पढाई में ध्यान देने लगी।

लेकिन उसका ध्यान पढाई में रहने के कारन वो हमेशा क्लास में टॉप रहती।*

जब वो कॉलेज गयी तो वहा उसे और भी जादा बेइज्जती सहनी पड़ी। लेकिन उपरवाला अपने बन्दों ओ ऐसेही नहीं छोड़ देता। इंजीनियरिंग कॉलेज में उसकी पहचान पूनम से हुई….पूनम एक बहोत ही आमिर घर की लड़की थी लेकिन वो दिल क8 बहोत अच्छी थी। उसने सुहानी की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया…और सुहानी के लाइफ का एक नया अध्याय शुरू हुआ जिसमे उसने मस्ती मजाक और वो सारी चीजे की जो वो अबतक कभी नहीं की थी। पूनम उसे एक अलग ही दुनिया में ले गयी। वो दोनों एक दूसरे ककी जान थे।

लेकिन आज उसका वो सहारा भी छूट रहा था आज पूनम की शादी थी। शादी के बाद वो हमेशा के लिए us जाने वाली थी। पूनम के साथ बिताये पलो की याद आते ही सुहानी के चहरे पे एक स्माइल आ गयी। आज वो जितनी उदास थी उससे कही जादा खुश थी क्यू की उसके जान उसके सबसे अच्छे दोस्त की शादी थी। और उसने उसे सिखाया था की “”लोग जो मर्जी आये वो कहे या करे लेकिन तुम उनकी बातो को दिल पे मत लगाना””

ये सोच ककए सुहानी उठी और फ्रेश होने लगी। उन दोनों लोगो की बात को अनदेखा करके वो ख़ुशी ख़ुशी बाहर आने लगी ……

लेकिन बाहर आने के लिए जैसे ही उसने दरवाजा खोला उसके पाँव वाही जम गए….*

 

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Updated: October 11, 2018 — 2:13 pm

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