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खूबसूरती और बद्सुरती-6

desi porn stories दूसरे दिन सुबह जब सुहानी की आखे खुली तब लगबघ 9 बज चुके थे। उसने अंगड़ाई लेते हुए घडी की तरफ देखा तो 9 बज चुके थे।

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सुहानी:-ओह्ह 9 *बज गए …मैं तो बड़ी देर तक सोती रही…और ममी ने भी नहीं जगाया…मुझे पूनम के घर भी जाना है…उसके पग फेरे की रसम के लिए वो श्याम को आने वाली है….

सुहानी फटाफट उठ के बाथरूम में घुस गयी।*

जब उसने नहाने के लिए अपने सारे कपड़े उतारे….उसे रात की बाते याद आने लगी। कैसे वो पूरी नंगी होके समीर को अपनी चूत गांड दिखा रही थी। किस तरह उसके सामने ही चूत में ऊँगली कर रही थी। ये सब सोच के एक शर्म भरी मुस्कान उसके होठो पे आ गयी।

वो बाथरूम से निकल के कपडे देखने लगी। उसने एक टाइट सी कुर्ती और लेगिंग्स पहन लिया। उसने खुद ओ आईने में देखा..उसकी गांड और चुचिया मस्त कसी हुई लग रही थी।। उसने अपने कुर्ती के सामने के दो बटन खोल दिए और देखने लगी। उसकी आधे से जादा चुचिया दिखने लगी।तो उसने सिर्फ एक ही बटन खोला…उसमें भी उसकी चुचियो की झलक दिखाई देने लगी।

वो कभी भी ऐसे नहीं करती थी मगर आज उसके अंग अंग में मस्ती भरी हुई थी। ऐसा उसने कभी फील नहीं किया था।

उसने खुद को आईने में देखा टोसिर्फ उसका चेहरा ही था जो उसेके बाकी खूबसूरती को पूरक नहीं था। उसने एक स्कार्फ लिया और चहरे पे बाँध लिया। अब वो किसी मॉडल से कम नहीं लग रही थी।*

सुहानी:- हा ये सही है…अपना चेहरा छुपा लेती हु …लेकिन अभी नहीं जब घर से बाहर निकलूंगी तभी।

वो अपने रूम से बाहर आयी ।

ममी:- अरे उठ गयी तुम…आ जाओ नास्ता रेडी है…

सुहानी डाइनिंग टेबल पे जाके बैठ गयी। उसके पापा वाही हॉल में बैठ के पेपर पढ़ रहे थे। सुहानी ने उन्हें गुड मॉर्निंग विश किया उन्होंने उसे नजर उठा के। *एक बार देखा और रुखा सुखा गुड मॉर्निंग बोल के फिर से पेपर। पढ़ने लगे*

तब तक सुहानी की। मम्मी ने उसे नास्ता दे दिया था। सुहानी मोबाइल देखते। देखते नास्ता करने लगी।

ममी:- अच्छा तू आज पूनम ककए वहा जाने वाली है न शाम। को…

सुहानी कुछ बोल पाती उसके पहले ही उसके पापा बोल पड़े…

पापा:- अरे अब हो गयी न शादी…अब क्या है वहा…

सुहानी:- वो…वो…पापा पग फेरे के लिए आने वाली है और फिर परसो वो स्विट्ज़रलैंड जाने। वाली है हनीमून के लिए और वही से us के लिए निकल जाएंगे।

सुहानी ने। डरते डरते कहा…

पापा:- तो तुम उसके लिए अपना जॉब छोड़ डौगी क्या??

सुहानी:- वो पापा मैंने पहले ही छुट्टी ले। रखी। है कल तक…परसो मैं भी ज्वाइन हो जाउंगी…

पापा:-जो मर्जी आये वो करो…उसकी तो शादी हो गयी….बड़े बाप की बेटी है…पर तुम…

मम्मी:- आप भी ना क्या लेके बैठ गए…सुहानी की मम्मी बिच में बोल पड़ी क्यू की उन्हें पता था उसके पापा क्या बोलने वाले है…

सुहानी ने उसकी मम्मी की तरफ देखा…और वो नास्ता करने लगी।

मम्मी:- उसे कुछ कहने से पहले अपने बेटे को संभालिये….आजकल पढाई में ध्यान नहीं है उसका…रात को लेट आने लगा है।

पापा:- हा ठीक है…उसे भी बात करूँगा…पर तुम नहीं समझ रही हो की मैं…

मम्मी:- मई सब समझती हु…आप चलिए तैयार हो जाइये आप का टिफिन बना देती हु…और सुहानी तुम ये सब समेत लो और मेरी हेल्प करो।

ये सब रोज का था सुहानी के। घर का सिन…पापा का ग़ुस्सा और मम्मी की तरफदारी…ऐसेही चलता आ रहा था। सुहानी को हमेशा लगता था ककी उसके पापा उससे प्यार करे…उससे बाते करे…जैसे बाकि लोगो के पापा होते है…पर पता नहीं क्यू उसके पापा उसे हमेशा डाँटते ही रहते।

सुहानी खाना बनाने में उसके मम्मी की हेल्प करने लगी।

फिर सब निपटा के अपने रूम में गयी। उसने अपना लैपटॉप सुरु किया और देखने लगी। जैसे उसने स्काइप में लोग इन किया उसपे बहोत से टेक्स्ट मेसेज उसे आने लगे।*

समीर के मेसेज थे। वो पढने लगी।

समीर:- क्या यार तुम अचानक से चली गयी…प्लीज़ अपना चेहरा दिखा दो…

ठीक है मैं समझता हु…जब तुमारा मन करे तब दिखा देना…वरना जब हम मिलेंगे तब मैं तुम्हें पहचानूँगा कैसे…

वैसे कल बताया नहीं…मैं एक फार्मेसी ग्रेजुएट हु और मेरा खुदका एक मेडिकल शॉप है।

बाकि बाते रात को करेंगे…मिल रही हो ना आज?? मैं इंतजार करूँगा रात को 10 बजे…

सुहानी मन ही मन खुश होने लगी। उसने रिप्लाई किया…

सुहानी:- वो लैपटॉप की बैटरी खत्म हो गयी थी…लेकिन आज रात को नहीं हो पायेगा मैं अपने फ्रेंड के यहाँ जा रही हु….कल बात करते है।

सुहानी ने अपना लैपटॉप बंद किया। और बहार हॉल में जाके टीवी देखने लगी। दोपहर में खाना खाने के बाद थोडा आराम किया और फिर 3 बजे वो पूनम के घर के। लिए निकल गयी। जैसा उसने सोचा था उसने स्कार्फ अपने चहरे पे बाँध रक्खा था। वो जैसे ही घर से कुछ दुरी पर पहूंची आने जाने वाले सभी उसकी तरफ एक बार मुड़के उसकी उछलती हुए चुचिया और मटकती गांड जरूर देखता…

सुहानी भी मन ही मन खुश होते हुए अपनी भारी गांड को मटका के चलने लगी। उसे ऐसे चलते देख लोगो के लंड पैंट में ही खड़े होने लगे।

सुहानी ने टैक्सी पकड़ी और पूनम के घर के और निकल पड़ी।

पूनम के घर पहूंची तो उसे उसके घर का नोकर चंदू दिखाई दिया।*

सुहानी:- चंदू पूनम आ गयी क्या??

चंदू ने उसे देखा…पहले तो। उसे पहचान नहीं पाया पर आवाज से पहचान लिया।

चंदू:- जी मैडम…अभी आयी है। हॉल में बैठी है।

सुहानी जल्दी हॉल में पहूंची…उसने स्कार्फ बांध रखा था इसलिए उसे। *कोई पहचान नहीं रहा था।

सबकी नजरे उसपे थी। वो धीरे धीरे आगे बढ़ी पूनम के पापा चाचा और उसका हस्बैंड सब उसे। *ही देख रहे थे। पूनम ने उसे पहचान लिया था।

पूनम:- सुहानी ये आतंकवादी बन के। क्यू आयी है तू…

जब पूनम ने उसका नाम लिया तो सब के होश उड़ गए…क्यू की वो बहोत सेक्सी लग रही थी। उसकी बदसूरती की वजह से उसे कभी किसीने गौर से नहीं देखा था। लेकिन आज सब उसे घूरे जा रहे थे। खासकर उसके चाचा।

सुहानी ने स्कार्फ खोला और आके पूनम के पास बैठ गयी। उसने *एक पैर के ऊपर दूसरा पैर रखा था…साइड से उसकी जांघे और गांड को देख वह बैठे सब के लंड में हलचल होने लगी थी।

उसके चाचा तो लंड मसलने लगे थे।और जब उनकी नजर कुर्ती में से दिखाने वाली सुहानी की चुचियो पे पड़ी तो उनका लंड तन के खड़ा हो गया।

पूनम और सुहानी अपनी बातो में लगे हुए थे।

सुहानी:- चल तेरे रूम में चलते है।

पूनम की मम्मी:- हा तुम ऊपर ही कहले जाओ…और आराम करो…थोड़ी देर में पूजा सुरु हो जायेगी।

दोनों उठ के ऊपर जाने लगी। पूनम के चाचा और पापा सुहानी की मटकती गांड को देखने लगे। हवा से उसकी कुर्ती थोड़ी ऊपर हुई तो उसकी मांसल गांड को वो दोनों आवाक होके देखने लगे।

पूनम और सुहानी रूम में…

सुहानी:- ओह हो…आज तो तू चमक रही है….

पूनम:- वो तो चमकुंगी ही…पर तुझे क्या हुआ है…जो तू भी ऐसे लग रही है जैसे की तेरी भी सुहागरात हुई है कल…

सुहानी:- कुछ भी…वो तो तेरी सुहागरात के बारे में सोच कर…

पूनम:- झूठ मत बोल…तुझे पता है …म7झसे तू झूठ नहीं बिल पाती …बता क्या हुआ?

सुहानी ने समझ लिया ई पूनम ने पहचान लिया है…उसने उसे चैटिंग के बारे में सब बात बता दी शिवाय इसके की उसने भी उसे नंगे पिक्स भेजे और वेबकेम पे एकदूसरे को नंगा देख के मजे किये।

पूनम:- देख सुहानी ये ऑनलाइन रिश्ते सब बकवास होते है…तू संभल के रहना…जब तक सब पक्का विस्वास न हो तब तक नहीं मिलना…

सुहानी:- हा रे मैं संभल के रहूंगी…उसने ऐसा बिल तो दिया मगर उसके मन में उसकी बात बैठ गयी की भरोसा नहीं करना चाहिए।

फिर वो दोनों ऐसेही हँसी मजाक चलता रहा। थोड़ी देर में फिर पूजा शुरू हुई …पूनम और उसका हस्बैंड विनीत पूजा में बैठे थे। बाजु में पूनम के ममी पापा…बाकि लोग साइड में बैठ के देख रहे थे।

पूनम के चाचा सुहानी को ही घूरे जा रहे थे। जब भी सुहानी पूनम के घर जाती तो अक्सर उससे कोई जादा बात नहीं करता। उसके चाचा भी उन्ही में से एक थे। लेकिन वो बहोत ही रंगीन किस्म के इंसान थे। अपने ऑफिस में बहोत सी लड़कियो को वो अपने बिस्तर तक ले गए थे। लेकिन घर पे बहोत शरीफ बनते थे। उन्हें लडकिया फ़साने का काफी अनुभव था।

पूनम की मम्मी ने जब उसकी चाची को प्रसाद बनाने के लिए भेजा तो उन्हें मौका मिल गया सुहानी से बात करने का…वो सुहानी के पास आके खड़े हो गए। सुहानी ने उनके तरफ देखा और स्माइल किया…और फिर से पूजा देखने लगी।

चाचाजी फिरसे थोडा सुहानी की तरफ खिसके…वो लगबघ सुहानी से चिपक ही गए थे।*

सुहानी ने उनकी तरफ देखा तो वो स्माइल ककरन लगे।

चाचा:- और सुहानी बेटा…कैसा चल रहा है तुम्हारा काम??

सुहानी हैरान थी की उसके चाचा उससे बात ककर रहे है जो कभी उसकी तरफ थिक् से देखते तक नहीं थे।

सुहानी:- सब ठीक है अंकल…

चाचा:-अब तो पूनम चली जायेगी…और तुम भी यहाँ आना बंद कर दोगी…

सुहानी:- नहीं अंकल…मैं आउंगी ना कभी कभार आंटी से मिलने…पूनम ने मुझसे प्रॉमिस लिया है की जब भी टाइम मिले मम्मी से मिलने जानेका…

चाचा:- ह्ह्ह्म्म्म अच्छा है उसी बहाने हमसे मुलाकात हो जायेगी….ऐसा बोल के वो और सुहानी के नजदीक सरक गए…उनका कन्धा सुहानी के कंधे से टच हो रहा था। और हाथ निचे जांघो से। सुहानी ने इग्नोर किया…

चाचा:- तुम सॉफ्टवेयर में कम करती हो ना?

सुहानी:- जी…

चाचा:- ओह्ह अगर तुम सिविल में होती तो तुम्हे अपनी कंपनी में जॉब पे रख लेता…वैसे आजकल तुमारे जैसे इंटिलेजेंट बच्चे कहा मिलते है…

और ऐसे बोल के उसके चाचा ने सुहानी के जांघो को हलके से छुआ…सुहानी को लगा की अनजाने में गुआ होगा…उसने फिर से इग्नोर किया।

सुहानी:-ऐसी बात नहीं है अंकल…

चाचा:- अरे ऐसेही बात है…आजकल की लडकिया सिर्फ अपनी खूबसूरती के भरोसे जॉब हासिल करना चाहती है…तुम समझ रही हो ना…

ऐसा बोल के हलके से सुहानी की जांघो को सहलाया…

सुहानी को अब की बार एक झटका सा लगा….उसने पीछे मुद के देखा पीछे कोई नहीं था…फिर चाचा क्किबतर्फ देखा वो सामने की और देख रहे थे।

सुहानी:-ज..जी अंकल…

सुहानी को समझ नहीं आ रहा था की क्या करे…एक तो पहली। बार उसे ऐसे कोई छु रहा था।

चाचा:-वो लडकिया कुछ भी करने को तैयार रहती है….वो दो उंगलिया से जांघो को सहलाने लगे।

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