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खूबसूरती और बद्सुरती-10

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सुहानी जोर जोर से सांसे ले रही थी। उसकी साँसों के साथ उसकी बड़ी बड़ी चुचिया ऊपर निचे होते हुए चाचाजी देख रहे थे। और उनका लंड और भी टाइट होने लगा था। सुहानी को भी उनके टाइट लंड का अहसास अपनी गीली चूत पे हो रहा था। कुछ समय ऐसेही ख़ामोशी में निकल गया।

सुहानी:- कुछ भी बोलते हो आप अंकल….सुहानी ने शरमाते हुए कहा।

और वो थोडा दूर हो गयी एयर टर्न होकर सामने किंतर्फ देखने लगी। उसे ये सब अच्छा लग रहा था पर डर भी लग रहा था। एक तो वो पूनम के चाचाजी थे और ऊपर से बाजु के रूम में उनकी बीवी सोई हुई थी।

चाचाजी:- अरे सच में…चलो जाने दो…मन में..साला एक पल के लिए लगा की काम हो गया…लगता है ईसे और गरम करना पड़ेगा…ये बोल के चाचाजी उससे दूर हो गए …सुहानी ये देख हैरान हुई की वो अब थोडा दूर खड़े थे। चाचजी ने जानबुज के ऐसा किया अब वो ये चाहते थे की सुहानी खुद उनसे आके चिपके।

सुहानी:- मन में …ओह्ह्ह ये तो दूर हो गए…कितना मजा आ रहा था…उनका बड़ा सा लंड कैसे चूत से सटा हुआ था।

चाचाजी:- अच्छा सुहानी एक बात बताओ…तुम इनको क्या लगाती हो जो इतने बड़े हो गए??

सुहानी:- कुछ ख़ास नहीं…बस हेयर ऑइल …

चाचाजी:- किसी से मसाज करवाती हो??

सुहानी ये सुन के शरम से पानी पानी हो गयी।

सुहानी:- नहीं अंकल…

चाचाजी:- तो क्या खुद ही तेल लगा के मालिश कर लेती हो….कभी मुझसे मालिश करवा के देखो…मैं बहोत अछि मालिश करता हु…और बड़े कर दूंगा….लोग देख के पागल हो जायेंगे तुम्हारे बड़े बड़े…बाल

चाचाजी उसको चुचियो को घूरते हुए कहा। सुहानी सब समझ रही थी उसे बहोत मजा आ रहा था ये सब बाटे करके।

सुहानी:- तो आंटी के क्यू नहीं किये?

चाचाजी:- अरे अभी जितने है मैंने ही तो ककिये है…वरना शादी के टाइम तो बहोत छोटे थे।

सुहानी:- अच्छा?? ऐसा क्या ख़ास करते हो आप??

चाचाजी:- वो तो जब तुम्हारी। मालिश करूँगा तब पता चल ही जाएगा…

सुहानी:- फिर भी कुछ तो ख़ास होगा…

चाचाजी:- मेरे पास स्पेशल क्रीम है…उसे लगा के मालिश करो तो उससे मजा भी आता है और बड़े भी होते है।

सुहानी को ये समझा नहीं।

सुहानी:- तो मुझे दे दीजिये…मैं खुद कर लुंगी।

चाचाजी:- वो ऐसे नहीं दे सकता…उसके लिए पहले बहोत कुछ करना पड़ता है…

सुहानी:- अभी नही है क्या आपके पास…खत्म हो गयी??

चाचाजी:- बहोत है…और वो कभी खत्म नही होती…बहोत भरी हुई है बोतल…

चाचाजी अपना लंड दबाते हुए बोले…फिर एकदम से सुहानी को क्लिक हुआ की वो किस क्रीम की बात कर रहे है।

सुहानी को समीर का झड़ना याद आ गया।

सुहानी:-तो निकालिये ना बोतल से…सुहानी बहोत ही मादक तरीके से बोली…अब उसका मुड़ भी शरारती हो चूका था।

चाचाजी:- बोतल बहोत दिनों से बंद है…जाम हो चुकी है…क्रीम निकलने के लिए…उसे हिलाना पड़ेगा…या हो सकता है चूसना भी पड़े…

सुहानी चूसना सुनके एकदम चौक पड़ी।

सुहानी:- मन में उफ्फ्फ ये क्या बोल रहे है उम्म्म्म मेरी चूत तो फड़फड़ाने लगी है स्सस्सस्सस और उनका लंड भी कबसे खड़ा है और ऐसे मसल रहे है मेरे सामने अह्ह्ह्ह्ह

वो आगे कुछ बोल पाती…तभी सुहानी का फ़ोन बजने लगा। वो अंदर गयी और फ़ोन पे बात करने लगी। इधर चाचाजी अब बेसबरे हुए जा रहे थे। उन्होंने और एक पेग लिया और एक ही झटके में पि गए। इधर सुहानी अपने मम्मी से बात कर रही थी और इधर चाचाजी ने एक और पेग खत्म किया। लाघबघ 10 मिनट हो चुके थे। चाचाजी पर अब शराब काफी हावी हो चुकी थी। इतनी देर बाद सुहानी वापस नहीं आयी ये देखने के लिए चाचाजी भी रूम में चले गए। सुहानी ने देखा की चाचाजी रूम में आ रहे है तो उसने मम्मी से कहा की वो अब फ़ोन रख रही है। चाचाजी अब अपने होशो हवास में नहीं थे। *सुहानी ये देख के समझ गयी की चाचाजी कको शराब कुछ जादा ही चढ़ गयी है।

सुहानी:- अंकल मुझे लगता है आपको अब अपने रूम में जाना चाहिए।

चाचाजी:- नशे में…ओह्ह क्यू??

सुहानी:- आपको जादा हो गयी है। चलिए मैं आपको रूम तक छोड़ आती हु।

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Updated: September 10, 2018 — 2:29 pm

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