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खूबसूरती और बद्सुरती-19

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एक दिन सुहानी ऐसेही शाम को घर की तरफ आ रही थी। वो एक जगह कही रुकी कुछ सामान लेना था। जब वो वापस आ रही थी तब उसे पूनम के चाचाजी मिल गए….सुहानी ने एक वाइट कलर का टाइट टॉप और ब्लू जीन्स पहन रखी थी। ठरकी चाचाजी का लंड सुहानी की चुचिया उस वाइट टॉप में देख ते ही खड़ा हो गया। वो उसे हवस भरी नजरो से देखने लगा। सुहानी ने जब देखा की चाचाजी उसकी चुचियो को घूर रहे है तो वो शरमा गयी…उन दोनों के बिच hi हेल्लो हुआ और फिर थोड़ी बातचीत क्करके दोनो अपने अपने रस्ते निकल गए।

सुहानी जब सोने के लिए अपने कमरे में आयी तो उसे चाचाजी की याद आयी….एयर वो सारी बाते जो उस दिन हुई थी…वो। बाते याद आते ही सुहानी की चूत में में चुबुलाहट् *होने लगी….और वैसे भी कई दिनों से उसने अपनी चूत में ऊँगली डाल के उसे शांत नहीं किया था। अविनाश के छूने से उनकी हरकतों से उसकी चूत गीली तो हो जाती थी मगर उसने कभी मुठ नहीं मारी थी। वो लेटे लेटे चूत को सहलाने लगी….वो चाचाजी के लंड को याद करकक्के चूत सहला रही थी मगर बार बार उसका ध्यान अविनाश की हरकतों पे चला जाता….और उसकी उत्तेजना कई गुना बढ़ जाती…वो खुद को रोकती…वो खिड़ से कहती की वो मत सोचो मगर उसका मन उसी और चला जाता….उतने में उसे याद आया की अविनाश सिगरेट पिने के लिए पीछे की और आये होंगे…उसने देखा तो उसे निराशा हुई…वो उठ के हॉल में गयी तो उसने देखा अविनाश किचन में था….कुछ ढूंढ रहा था…सुहानी किचन में गयी…

सुहानी:- पापा क्या हुआ?? क्या चाहिए??

अविनाश:- वो मेरा लाइटर ख़राब हो गया है…माचिस ढूंढ रहा था…

सुहानी ने आगे बढ़ के उसे माचिस दी…अविनाश ने माचिस ली और उसे एक नजर देखा और goodnight बोल के निकल गया।

सुहानी दौड़ के अपने कमरे में गयी और खिडक़ी का बेड की तरफ का हिस्सा थोडा खोल दिया और लाइट बंद कर के नाईट बल्ब शुरू कर दिया….नील रंग के नाईट बल्ब की रोशनी में सुहानी बेड पप लेट गयी और सोने का नाटक करने लगी…

सुहानी:-मन में…ये मैं क्या कर रही हु?? क्यू कर रही हु??क्या मेरा मन पापा से चुदवाने का करने लगा है…ओह मैं पागल हो जाउंगी….क्या हो गया है मुझे?? मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए…

तभी उसे खिड़की के पास कुछ आहात सुनाई दी….उसके पैर खिड़की को तरफ थे उसने थोड़ी आँखे खोल के देखा तो वह अँधेरे में कोई खड़ा दिखाई दिया…उसे पता चल गया की अविनाश ही है…वो चाट किबतर्फ मुह करके सीधे सोई हुई थी…ये सोच के की उसके पापा उसे खिड़की से देख रहे है उसकी साँसे तेज हो गयी थी….जिस्कि वजह से उसकी चुचिया उस टाइट टॉप में ऊपर निचे होने लगी…अविनाश उसे गौर से देख रहा था…नील रंग की रोशनी में सुहानी की रेड टॉप में उसकी बड़ी बड़ी चुचियो को ऊपर निचे होता देख उसके लंड में हरकत होने लगी थी…सुहानी की चूत भी नम होने लगी थी जिसका अहसास उसे हो रहा था…सुहानी ने करवट बदली और एक पैर आगे की और करके सो गयी….उसके पजामे में कासी हुई गांड को देख अविनाश का हाथ अपने आप ही लंड पे चला गया….सुहानी ने देखा की अविनाश अभी भी वाही खड़ा उसे देख रहा है….सुहानी की हालत अब और ख़राब होने लगी….वो अपने पापा को अपनी अदाएं दिखा रही थी…मन में एक अपराधिक। भावना थी पर फिर भी उसे मजा आ रहा था…क्यू की अविनाश मन भी तो अपनी बेटी के प्रति वासनामय हो गया था…और यही बात सुहानी को मजा दे रही थी….सुहानी अब थोडा हिल रही थी …या यु कहो वो सिर्फ अपनी गांड को हिला रही थी किसी नागिन की तरह…अविनाश का लंड अब उफान पे था….

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admin
Updated: September 11, 2018 — 2:28 pm

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