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भूत हो या चूत मैं तू मारूंगा

मेरा नाम राज है और मैं कॉलेज में पढ़ने वाला एक छात्र हूं। मुझे कॉलेज में पढ़ते हुए 1 वर्ष हो चुका है लेकिन कॉलेज में सब लोग मुझसे बहुत परेशान है। मैं सबके साथ झगड़ा करता रहता हूं और इसकी शिकायत मेरे घर पर भी जाती है। जिससे कि मेरे पिताजी भी अब बहुत परेशान हो चुके हैं। सारे प्रोफ़ेसर मेरे पिताजी को 1 हफ्ते में दो तीन बार तो मेरे कॉलेज बुला ही लेते हैं और वह मेरी शिकायत उनसे करते। मेरे पिताजी उन्हें कुछ नहीं कहते। जब मैं घर पर होता हूं तो वह मुझे बहुत कहते है कि बेटा अपनी जिंदगी में कुछ अच्छा कर लो। नहीं तो ऐसे ही अपनी जिंदगी खराब कर बैठोगे। मैं तो कहता हूं कि पिताजी मैं कुछ भी गलत नहीं करना चाहता हूं लेकिन उसके बावजूद हर बार कुछ ना कुछ गलती हो ही जाती है। मेरे पिताजी को मुझ पर पूरा भरोसा था और वह इसलिए मुझे सिर्फ डांटते थे। उन्होंने कभी मुझ पर हाथ नहीं उठाया और न ही उन्होंने कभी मुझ से ऊंची आवाज में भी बात नहीं की। मैं उनका बहुत ज्यादा सम्मान इस वजह से ही करता हूं।

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हमारे कॉलेज में एक मैडम है। उनका नाम माला है। वह मुझसे बहुत ज्यादा ही परेशान रहती हैं और मुझे हर बार किसी न किसी बहाने से डांटती भी रहती हैं। मेरे घर में उन्होंने बहुत बार नोटिस भी भेजा है। जिससे कि मेरे पिताजी उनसे कई बार आकर मिल चुके हैं और अब तो उनकी आपस में जान पहचान भी हो गई है। वह मेरे पिता जी को देखते ही पहचान लेती हैं कि मैंने ही कुछ गलत किया होगा। मेरी मैडम ने मेरे पिताजी से कहा कि आप इतने सज्जन व्यक्ति हैं। उसके बावजूद भी आप अपने लड़के को नहीं समझा पा रहे हैं। इसमें आप लोगों की ही गलती है। मेरे पिताजी को भी अब यह सब सुनने की आदत सी हो चुकी है। इसलिए वह भी कुछ नहीं कहते हैं और उनकी बातें सुनकर अपने घर चले जाते हैं। घर पर जाकर  मुझे दो तीन बातें सुना कर चुपचाप अपने कमरे में जाकर सो जाते हैं। परन्तु कॉलेज में मुझे सब लोग बहुत ही पसंद करते है। जिन से भी मेरा झगड़ा होता था वह सिर्फ इस बात को ही लेकर होता था कि वह किसी के साथ कुछ गलत करते हैं। इस वजह से ही मैं उनके साथ झगड़ा करता था। क्योंकि मैं कभी भी कुछ गलत बर्दाश्त नहीं कर सकता था।

हमारे कॉलेज के इलेक्शन आने वाले थे और मेरे दोस्तों ने मुझे कहा कि तुम इस बार कॉलेज के इलेक्शन में उठ जाओ। मैंने उन्हें कहा कि मैं कॉलेज के लिए इलेक्शन में नहीं उठना चाहता हूं लेकिन वह लोग बहुत जिद करने लगे। उन्होंने कहा कि इसमे जो भी खर्चा होगा वह हम सब मिलकर उठा लेंगे। तुम सिर्फ कॉलेज के इलेक्शन में उठ जाओ। मैंने इस बारे में घर में अपने पिताजी से बात की तो उन्होंने कहा कि बेटा तुम देख लो। अगर तुम्हें अच्छा लगता है तो तुम इलेक्शन में उठ जाओ। उन्होंने मुझे कह दिया था कि तुम उठ जाओ। मैं भी इलेक्शन में उठ गया और मेरे सामने जितने भी कैंडिडेट थे वह सब भी कॉलेज में बहुत फेमस है और उनकी लोकप्रियता भी बहुत ज्यादा थी। वह क्लास में भी मुझसे सीनियर थे। मेरे दोस्तों ने भी मेरा बहुत सपोर्ट किया और हमने बहुत ही अच्छे से अपना प्रचार किया। जिसकी वजह से मुझे भी अब लगने लगा था कि शायद मैं इलेक्शन को जीत ही जाऊंगा। अब हमारा इलेक्शन नजदीक आ गया। दूसरे दिन वोटिंग थी। वोटिंग के बाद मैं कॉलेज का इलेक्शन जीत गया। मेरे दोस्त लोग बहुत खुश हुए और उन्होंने रात को जीत की पार्टी रखी। अब रात को हम लोगों ने बहुत ही धूम-धड़ाका किया और बहुत ज्यादा मस्ती की। पार्टी करने के बाद मैं जैसे ही रात को अपने घर पहुंचा तो मेरे पिताजी कहने लगे की तुम्हें बधाई हो। उन्होंने मुझसे उस दिन कुछ भी नहीं पूछा और मैं चुपचाप अपने कमरे में चला गया।

अगले दिन जब मैं कॉलेज पहुंचा तो सब लोगों ने मुझे कॉलेज में भी बधाइयां दी। माला मैडम ने भी मुझे बधाई दी। क्योंकि वह सबसे ज्यादा मुझसे ही नफरत करती थी। अब मैं भी बच्चों की समस्याओं को कॉलेज में उठाने लगा और सब लोगों को मैं बहुत पसंद था। एक बार किसी बात को लेकर माला मैडम और बच्चों के बीच में झगड़ा हो गया था। जो कि बहुत ज्यादा बढ़ने वाला था। तो उसके बाद उस झगड़े को मैंने शांत करवाया। जिससे कि माला मैडम भी मुझे एक अच्छा इंसान मानने लगी थी। एक दिन उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम तो अपनी क्लास में सबसे ज्यादा बदमाश बच्चे हो। मैंने उन्हें कहा मैडम ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। मैं तो किसी के भी साथ खड़ा हो जाता हूं। इस वजह से मैं ही वहां पर गलत हो जाता था । अब वह भी मुझे समझ चुकी थी कि मैं उस तरीके का लड़का नहीं हूं। जैसा कि वह मुझे समझती हैं। अब उनकी नजरों में भी मेरी इमेज थोड़ा बदल चुकी थी और कॉलेज में जितने भी प्रोफ़ेसर थे वह भी मेरे बारे में अपनी राय को बदल चुके थे। मुझे भी बहुत खुशी है इस बात की, कि मैं अपनी छवि को अब थोड़ा साफ कर पाया हूं और सब लोग मुझे समझ गए हैं कि मेरी कभी भी गलत मंशा बिल्कुल नहीं रही।

एक दिन मुझे कुछ काम से माला मैडम के ऑफिस में जाना पड़ा। मैं जब उनके ऑफिस में गया तो मैंने जैसे ही उनके ऑफिस के अंदर गया तो वह अपने चेयर पर बैठी हुई थी।  वह मुझे कह रही थी कि तुम बहुत ही अच्छा काम कर रहे हो मुझे तुम्हें शुक्रिया कहना है। उस दिन कुछ ज्यादा ही सुंदर बन कर आई हुई थी और बहुत ही ज्यादा अच्छी लग रही थी। वह मेरे पास आई और मुझसे गले मिलने लगी और कहने लगी कि मैंने तुम्हें काफी बुरा भला कहा है तुम्हारे पिताजी को मैंने बहुत बेइज्जत किया है। जब वह मेरे गले मिल रही थी तो उनके बड़े-बड़े स्तन मुझसे टकरा रहे थे। मैंने उनकी गांड को जोर से दबा दिया और धीरे-धीरे सहलाने लगा। उन्हें भी बहुत अच्छा लगने लगा और वह भी अपने स्तनों को मुझसे टकराने लगी बहुत देर तक उन्होंने मुझे ऐसे ही गले लगाया था। अब हम दोनों का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो चुका था। मैंने तुरंत ही उन्हें उनकी टेबल पर पटक दिया और जैसे ही मैंने उनके टेबल पर पटका तो वह भी बहुत उत्तेजित हो गई।

मैंने उनके होठों को किस करना शुरू कर दिया। मैं बहुत देर तक उनके होठों को ऐसे ही किस करता रहा जिससे कि उनके अंदर की सेक्स भावना जागने लगी। वह भी मेरी तरह उत्तेजित होने लगी अब मैंने उनके ब्लाउज के बटन को खोलते हुए उनकी ब्रा को भी खोल दिया। उनके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं उनके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था। मुझे उनमें कुछ अलग ही स्वाद आ रहा था उनमें से उनका दूध भी निकल रहा था। अब मैंने उनके साड़ी को उठाते हुए उनकी चत को चाटना शुरू किया क्योंकि उन्होंने अंदर से पैंटी नहीं पहनी हुई थी। उनकी चूत मे थोडे बाल भी थे लेकिन मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। जब मैं उनकी चूत चाट रहा था। मैंने अपने लंड को उनके हाथ में दिया तो वह उसे बड़ी तेजी से हिलाने लगी और अपने मुंह में भी ले लिया। थोड़ी देर तक वह उसे अपने मुंह में चूसती रही। उसके बाद मैंने उनके मुंह से अपने लंड को निकालते हुए उनकी योनि में डाल दिया। उनकी योनि अब भी बहुत टाइट थी और मैं उन्हें बड़ी तेजी से झटके मार रहा था। मैं इतनी तेज तेज झटके मारता कि उनका पूरा शरीर हिल जाता और वह मुझे कहती कि तुम तो बहुत ही अच्छी से चोद रहे हो। मैंने कहा मैडम मुझे बहुत अच्छे से चोदना भी आता है और अपने काम करने भी आते हैं। मैं उनके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसता और उनके होठों को भी ऐसे ही चूस रहा था। मै बड़ी तेजी से मैं उन्हें धक्के मारता  जा रहा था। मैडम भी अपने मुंह से मादक आवाज निकालती और मैं उनकी तरफ आकर्षित हो जाता। मैं अपनी गति को और भी बढ़ा लेता मैं उन्हें ऐसे ही चोदता जा रहा था। उनका शरीर पूरा हिल रहा था जिसे देख कर मैं बहुत ही खुश हो रहा था। उनके पूरे शरीर को मैं चटाने लगा। मैंने अपने लंड को उनकी चूत से बाहर निकालते हुए उनके मुंह के अंदर ही डाल दिया। वह बहुत ही अच्छे से मेरे लंड को चूसने लगी थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य उनके मुंह के अंदर ही गिर गया। उन्होंने अपने कपड़े पहनते हुए मुझे थैंक्यू कहा।

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admin
Updated: October 6, 2018 — 6:57 am

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