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bagal mein ek bhabhi

Bhabhi sex stories

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नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप ? मैं आशा करता हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे | मेरा नाम सतीश है और मैं रीवा के रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 26 साल है और मैं अभी बेरोजगार हूँ | मैं दिखने में सांवला हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 9 इंच है और मेरा बदन एक दम फिट है | मैं इस साईट का दैनिक पाठक हूँ और मुझे इस साईट में कहानियां पढ़ना पसंद है | आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी पेश करने जा रहा हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करता हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयगी | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय न लेते हुए सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ |

ये घटना पिछले साल की है | जैसा की मैंने आप लोगो को बताया कि मैं बेरोजगार हूँ तो मेरा ज्यादा समय घर में ही कटता था | मेरे दोस्त सभी काम करते हैं तो मेरी बात उनसे शाम को ही होती थी या फिर सन्डे को | मैं अपना टाइम या तो टीवी देखने में या मोबाइल में बात करते हुए निकाल देता था | मेरी एक गर्लफ्रेंड भी है तो उससे भी बात होती है मेरी लेकिन वो मुझे सिर्फ ऊपर ही ऊपर खेलने देती है अगर मैंने उसकी चुदाई की होती तो मैं आप लोगो जरुर बताता | मेरे घर के बाजू में एक भाभी रहती है जिसका नाम अनुजा है और वो 38 साल की है | उसके दो बच्चे हैं एक लड़का है और एक लड़की है | उसका पति प्राइवेट जॉब करता है और वो दिल्ली में रहता है | उसके घर में वो और उसकी सास रहती है | उसकी सास भजन कीर्तन वाली है तो जब उसका सारा टाइम तो मंदिर और यहाँ वहां के भजन में कट जाता है | भाभी अक्सर हमारे घर आती रहती है और कभी कभी मैं भी उनके घर चला जाता हूँ क्यूंकि उनकी जो बेटी है वो मुझे बहुत पसंद करती है | मैं भी उसके साथ खूब खेलता हूँ | मुझे छोटे बच्चे पसंद है | एक दिन की बात है उस समय दोपहर थी तो मैंने सोचा कि मिनी ( भाभी की बेटी ) घर आ गई होगी तो मैंने सोचा कि उसके साथ खेल लूं | जब मैं घर गया तो देखा कि दरवाजा बंद था | मैंने कई बार दरवाजा खटखटाया पर कोई दरवाजा नहीं खोला | मुझे लगा शायद घर में कोई नहीं होगा तो अपने घर वापस आने लगा तभी मेरा एक दोस्त मिल गया तो मैं उससे बात करने लगा | तभी एक दम से दरवाजा खुला और वहां से एक 40-45 साल का आदमी वहां से निकल रहा था | मुझे अजीब लगा अगर आदमी अनजान निकल रहा है तो भाभी ने दरवाजा क्यूँ नहीं खोला और मेरे जाने के बाद ही दरवाजा क्यूँ खोला ? मैं अपने दोस्त से बात करने के बाद भाभी के पास गया और कहा भाभी ये अंकल कौन हैं ? तो वो घबराते हुए पूछी कौन अंकल ? तो उन्होंने कहा अरे वो मेरे ससुर के दोस्त हैं और कभी कभी हमारे घर आते जाते रहते हैं | तो मैंने पूछा कि फिर आपने दरवाजा क्यूँ नहीं खोला मैंने तो कितनी बार दरवाजा खटखटाया था ? तो वो और घबरा गई | मैं समझ गया कि कुछ तो लोचा है | मैंने भाभी से पूछा कि बंकू और मिनी कहाँ हैं ? तो उन्होंने कहा कि वो अपनी दादी के साथ मंदिर गए हैं | अब तो मेरा शक पूरा सच में बदल गया | मैंने भाभी से पूछा भाभी देखो मुझसे झूट मत कहना तभी भाभी ने मुझसे कहा अभी मत बोलो जो बोलना है अन्दर आओ फिर बोलना | उसके बाद उन्होंने मुझे अन्दर बैठाया और कहा हाँ अब पूछो | तो मैंने पूछा कि भाभी देखो मुझसे झूट मत कहना | मुझे सच सच बताओ कि वो कौन आदमी है और जब आप अकेले हो तब वो यहाँ क्या कर रहा था और इतना दरवाजा ठोकने के बाद भी आपने दरवाजा क्यूँ नहीं खोला | पहले तो भाभी बहुत देर तक मुझसे झूट बोलती रही और मैं बस उसी बात पे टिका रहा | काफी देर हो गई और उतने में आंटी और बच्चे भी आ गए तब मैंने कहा भाभी मुझे जवाब चाहिए मैं कल सुबह आऊंगा | भाभी तब भी शांत रही | फिर मैंने मिनी को गोद में उठाया और उससे पूछा कि मिनी चले खेलने तो उसने भी कहा हाँ भैया और बंकू टीवी देखने लगा | दादी काम में लग गई और भाभी भी उठ के चले गई | फिर अगले दिन जब मैं उनके घर गया तब सुबह के 11 बज रहे थे | भाभी उस समय अकेले रहती हैं | मैं भाभी के गया तब भाभी काम कर रही थी तो मैंने उनको आवाज़ लगाया तो वो आ गई | पर फिर भी शांत ही थी | मैंने भाभी से पूछा कि भाभी अगर आज आपने सच नहीं बताया तो मैं आपकी सास को सब कुछ बताद उंगा | तब भाभी ने कहा नहीं उनको मत बताना मैं तुम्हे सच बताती हूँ | असल में वो मेरे पति के दोस्त हैं और मेरा और उनका अफेयर चलता है | जब घर में कोई नहीं रहता तब मैं उनको बुला लेती हूँ | फिर मैंने कहा फिर तो चुदाई भी होती होगी | तो भाभी ने हाँ कह दिया |

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मैंने कहा भाभी आप उनसे चुद्वाती हो इससे अच्छा मुझसे चुदवा लिया करो | आपको चुदाई भी मिल जायगी और कोई डर भी नहीं रहेगा | भाभी कुछ नही बोली तो मैंने थोडा जोर दिया तब भाभी ने मुझे मना कर दिया | मुझे गुस्सा आ गया तो मैंने भाभी का हाँथ पकड़ा और कहा कि अगर मुझे चुदाई नही मिली तो मैं सब को बता दूंगा | ये बात सुन कर भाभी की गांड फट गई तो भाभी ने हाँ कह दिया | फिर मैंने भाभी से पूछा कि ये लोग कब तक घर आयेंगे ? तो भाभी ने कहा कि अभी तो बहुत टाइम है | फिर मैं दरवाजे की तरफ गया और दरवाजा बंद कर दिया | फिर मैंने भाभी को अपनी बांहों में लिया और उनके होंठ को चूसने लगा तो भाभी साथ दे नहीं रही थी इस बात पर मुझे गुस्सा आ गया | मैंने कहा साली बूढ़े लंड पसंद हैं क्या ? जवान लंड मिल रहा है तो साथ दे वरना | फिर भाभी मेरे होंठ में अपने होंठ रख कर किस करने लगी | मैं भी भाभी के होंठ को अच्छे से चूस रहा था | 10 मिनट किस करने के बाद मैंने उनके गाउन को उतार दिया और और ब्रा के ऊपर से ही उनके दूध को दबाने लगा तो उनके मुँह से आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह निकलने लगी | फिर मैंने उनके ब्रा को भी उतार दिया और उनके दूध को अपने मुँह में ले कर चूसने लगा तो वो आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए आन्हे भरने लगी | मैं उनके दूध को जोर जोर से मसलते हुए चूस रहा था और वो आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए मेरे सिर के बाल को सहला रही थी | उसके बाद मैंने उनकी पेंटी उतारी और फिर सोफे पर लेटा कर उनकी टांगो को चौड़ा कर दिया और चूत को चाटने लगा तो वो आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए सिस्कारियां भरने लगी |

मैं उसकी चूत चाटते हुए ऊँगली डाल कर चोदने भी लगा तो वो आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए मेरे मुँह को अपनी चूत में दबाने लगी | उसके बाद मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया | वो मेरा लंड देख कर जीभ होंठ में फेरने लगी और झट से मेरे लंड पर अपनी जीभ फेरने लगी तो मेरे मुँह से भी आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह की आवाज़ निकलने लगी | मेरे लंड को चाटने के बाद उसने अपने मुँह में डाला और चूसने लगी तो मैं भी आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए उसके मुँह में अपना लंड पेलने लगा | उसके बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत में सहलाया और अन्दर डाल दिया और चोदने लगा तो वो आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए सिस्कारियां लेने लगी | कुछ देर चोदने के बाद मैंने अपनी चुदाई तेज कर दिया और जोर जोर से चोदने लगा तो वो भी आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए अपनी कमर उठा उठा कर चुदवा रही थी | फिर मैंने उसे वहीँ घोड़ी बनाया और पीछे से लंड डाल कर चोदने लगा तो वो भी आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए अपनी गांड आगे पीछे करते हुए चुदाई में साथ दे रही थी | करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना वीर्य उसकी गांड में छोड़ दिया |

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admin
Updated: October 11, 2018 — 1:47 pm

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